मुख्य-पृष्ठ   शब्दावली की श्रेणियां/प्रकार से खोजें   हिंदी   
भाषा चुनें
विषयवार शब्दावली में खोजें
हमारी लोकप्रिय शब्दावली में खोजें

वास्तुकला परिभाषा कोश (अंग्रेज़ी-हिंदी)
Definitional Dictionary of Architecture (English-Hindi)
[in progress]
(2072 words) Details इस कोश के विशेषज्ञ

खोज हेतु शब्द लिखें
लिप्यंतरण सक्रिय/निष्क्रिय

'architecture' के लिए खोज परिणाम

English/ अंग्रेज़ी Hindi/हिंदी Definition/ परिभाषा Feedback/प्रतिपुष्टि
agglutinative architecture (=cellular architecture) योगात्मक वास्तुकला
वह वास्तु प्रणाली जिसमें किसी भवन या इमारत में आवश्यकतानुसार कमरों की संख्या बढ़ा दी जाती है। ऐसा करते समय इमारत के पूरे विन्यास की पूर्व योजना अपेक्षित नहीं होती।
प्रतिपुष्टि
Arabian architecture अरबी वास्तुकला
इस्लामी वास्तुकला का वह स्वरूप जो सीरिया और मिस्र पर अरब आधिपत्य (सन् 622 ई. से 722 ई. तक) के दौरान विकसित हुआ। अरबी वास्तुकला की प्रमुख विशेषताओं में समबाहु नुकीली मेहराबों, ज्यामितिक रेखाओं, उद्भृत अलंकरणों से युक्त नांकदार गुंबदों, चौकोर और बहुभुजी मीनारों की परिकल्पना की जाती है।
प्रतिपुष्टि
architecture वास्तुकला, स्थापत्यकला
1. विभिन्न प्रकार के भवनों के प्रारूप से लेकर उसके निर्माण कराने तक की विद्या या कला। वास्तुकला में निर्माण-कार्य के साथ-साथ भवन के सौंदर्य पक्ष तथा प्रकार्यात्मक पक्ष पर भी ध्यान दिया जाता है। 2. पूर्व-नियोजित या यादृच्छिक भवन-निर्माण। 3. भवन-निर्माण की वह पद्धति या शैली जिसमें किसी भवन की संरचना या उसके अलंकरण की विशिष्ट शैली या विद्या का अध्ययन या प्रयोग किया जाता है।
प्रतिपुष्टि
arcuate architecture तोरण-वास्तु
वह इमारत जिसमें मेहराब या गुंबद का अधिक प्रयोग होता है अथवा वास्तुकला का वह स्वरूप जिसमें ढांचागत संरचना चाप सिद्धांत पर आधारित हो।
प्रतिपुष्टि
Aztec architecture एजटेक वास्तु
प्राचीन मेक्सिको नगर के तेनोचितितलान के निवासियों की वास्तुकला जो 1519 ई. तक मध्य मेक्सिको में विकसित हुई।
प्रतिपुष्टि
Byzantine architecture बाइजेंटीनी वास्तुकला
वास्तुकला की एक शैली जो पूर्वी यूरोप में पांचवीं शताब्दी में विकसित हुई। इसमें गुंबद और गोलाकार चाप का अच्छा संयोजन किया गया। इसमें रोमन क्लासिकी वास्तुकला का भी समावेश है।
प्रतिपुष्टि
cellular architecture कोष्ठात्मक वास्तुकला
देखिए : agglutinative architecture
प्रतिपुष्टि
cluniac architecture क्लूनी स्थापत्य कला
फ्रांस के क्लूनी नामक स्थान पर गिरजे अथवा मठ के निर्माण के लिए 11 वीं शताब्दी में प्रयुक्त स्थापत्य कला शैली।
प्रतिपुष्टि
colonial architecture औपनिवेशिक वास्तुकला
औपनिवेशिक देशों द्वारा अपने उपनिवेशों में अपनी वास्तुकला का प्रयोग।
प्रतिपुष्टि
Dorian architecture डोरियन वास्तुकला
यूनान में स्पार्टा के निकटवर्ती स्थान डोरिस की वास्तु-शैली।
प्रतिपुष्टि
Dravidian architecture द्रविड़ वास्तुकला
द्रविड़ वास्तुकला दक्षिण भारत की स्थापत्य शैली का मूल है। इस शैली की संरचनाएं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में पाई जाती हैं।
प्रतिपुष्टि
ecclesiastical architecture चर्च वास्तुकला
गिरजाघरों के निर्माण से संबंधित वास्तुकला।
प्रतिपुष्टि
eclectic architecture खिचड़ी वास्तुकला
यह स्थापत्य कला की कोई विशेष शैली नहीं है। यह अपनी व्यक्तिगत अभिरुचि से किसी भी शैली से जुड़ी चीजों का मिश्रण है।
प्रतिपुष्टि
Egyptian architecture मिस्र की वास्तुकला
मिस्र में पांच हजार ईसवी पूर्व से सौ ईसवी के मध्य विकसित और पल्लवित वास्तुकला जो मुख्यतः धर्म पर आधारित थी। इस वास्तुकला की विशिष्टता पाषाणों का उपयोग कर भव्य और विशालकाय संरचनाओं का निर्माण है। पिरामिड इस वास्तुकला के विश्व प्रसिद्ध नमूने हैं।
प्रतिपुष्टि
Gothic architecture गॉथिक वास्तुकला
गॉथिक वास्तु-शैली का विकास उत्तरी फ्रांस में 1160 ईसवी के आस-पास हुआ। पश्चिमी यूरोप की इस वास्तु-शैली का जोर 1530 ईसवी तक बना रहा। इस शैली की प्रमुख विशेषता चर्चों के निर्माण में नुकीले मेहराब, मेहराबी छतें और काष्ठ व पाषाण की सुंदर पच्चीकारी थी। इसमें अलंकृत त्र्यंकी, अर्धचाप वप्र और वातायन चापों का अधिक प्रयोग किया गया।
प्रतिपुष्टि
Greek architecture यूनानी वास्तुकला
यूनानी वास्तुकला की प्रमुख अभिव्यक्ति षट्‌कोणीय मंदिरों की संरचनाओं में हुई। स्तंभ पंक्तियों से युक्त ये मंदिर आयताकार, एक मंजिले और ऐसी ढलवां छत वाले होते थे जिन पर त्रिकोण-शीर्ष बने होते थे। प्रायः भवन के बाहरी अलंकरण के लिए रंग या सुवर्ण मंडन का उपयोग होता था। यूनानी वास्तुकला को क्रमानुसार डोरिक, आयोनी और कोरिंथी स्तंभ शैलियों ने बहुत अधिक प्रभावित किया। डोरिक स्तंभ शैली इनमें सर्वाधिक सरल थी। आयोनी शैली में वलयित स्तंभ शीर्ष थे तथा कोरिंथी स्तंभ शैली बेलबूटेदार स्तंभ शीर्ष के लिए प्रसिद्ध थी। यूनानी वास्तुकला में लालित्य तथा स्थायित्व का उन्मेष 444-429 ईसा पूर्व में हुआ।
प्रतिपुष्टि
Indian architecture भारतीय वास्तुकला
भारतीय उप-महाद्वीप की वास्तुकला जिसकी काष्ठ तथा कच्ची ईंटों की वास्तुकला के अवशेष अब नगण्य हैं। प्रांरभिक बौद्ध स्मारकों के भवनों, गुफाओं तथा तोरणों में काष्ठ-वास्तुकला का प्रभाव स्पष्ट परिलक्षित है। प्राचीन भारतीय वास्तुकला के अवशेष आज बहुत बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं जो पाषाण, शिला और ईंटों के बने हुए हैं और जो मुख्यतः भारतीय वास्तुकला के प्राचीन ग्रंथों पर आधारित हैं, विशेषकर मंदिर या बौद्ध स्मारक। भारतीय वास्तुकला की प्रमुख विशेषता उनके स्तंभो, कॉर्निसों, शिखांतों, छतों के अलंकरण में दिखाई देती है।
प्रतिपुष्टि
Indo-Aryan architecture भारतीय-आर्य वास्तुकला
प्राचीन भारतीय-आयों द्वारा विकसित एक स्थापत्य शैली जो दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी ई. तक चलती रही।
प्रतिपुष्टि
Japanese architecture जापानी वास्तुकला
पांचवीं शताब्दी ई. से विकसित जापानी काष्ठ-वास्तुकला जिस पर चीनी वास्तुकला का गहरा प्रभाव पड़ा। इसकी प्रमुख विशेषता मंडपाकार भवन थे जो शहतीरों और स्तंभों पर टिके होते थे। लकड़ी का इसमें बहुतायत से प्रयोग होता था। छतें श्रोणीय होती थीं। पाषाण का प्रयोग स्तंभों के आधार भाग, मंच और प्राचीर की दीवारों के निर्माण में किया जाता था।
प्रतिपुष्टि
Lombard architecture लोम्बार्ड वास्तुकला
सातवीं और आठवीं शताब्दी ई. में उत्तरी इटली की पूर्व रोमन वास्तुकला जो लोम्बार्ड शासकों के काल में विकसित हुई। यह वास्तुकला प्रारंभिक ईसाई और रोमन रूपों पर आधारित थी।
प्रतिपुष्टि
Maya architecture मय वास्तुकला
दक्षिणी मैक्सिको तथा ग्वातेमाला में केंद्रित चौथी से पंद्रहवीं शताब्दी ई. की, मय लोगों की वास्तुकला जिसकी प्रमुख विशेषता उनके अतिप्रवण पिरामिडाकार मंदिर तथा टोडेदार त्रिकोणाकार मेहराब थे। इन्होंने पाषाण के अनेक सुंदर भवनों का निर्माण किया था। मय वास्तुकला को तीन चरणों में विभक्त किया जाता है- पूर्व श्रेण्य काल, श्रेण्य-काल तथा परवर्ती श्रेण्य-काल।
प्रतिपुष्टि
Mesopotamian architecture मेसोपोटामियाई वास्तुकला
दजला और फरहात नदियों के मध्य की प्रसिद्ध प्राचीन ईराकी वास्तुकला जो मेसोपोटामियाई वास्तुकला के नाम से प्रसिद्ध है। यह तीसरी सहस्राब्दि से छठी शताब्दी ई. पू. में विकसित हुई। इसमें मूलतः विशाल भवनों के निर्माण में कच्ची र्इंटों को मिट्टी के गारे से चिना जाता था। सार्वजनिक महत्व के भवनों के सामने के भाग में पकी और काचित ईंटे लगाई जाती थीं।
प्रतिपुष्टि
Minoan architecture मिनोअन वास्तुकला
क्रीट की प्राचीन कांस्यकालीन सभ्यता की वास्तुकला जिसका काल 3000 ईसा पूर्व से 1100 ईसा पूर्व तक आंका गया है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में इसके विशाल राजप्रासाद हैं जिनके भूलभुलैयानुमा गलियारों के बीच में विशाल मध्य प्रांगण स्थित होता है। इनके भवनों में बने प्रकाश कूपक, वायुकूपक, जलनिकास और मलनिकास व्यवस्था इनकी अभियांत्रिकी क्षमता के अपूर्व उदाहरण हैं। इनकी नींव की दीवारों, खंभों और सरदल को तराशे हुए पत्थर से बनाया जाता था। भवनों की ऊपरी मंजिल में काष्ठकर्म किया जाता था। अनगढ़ चिनाई के ऊपर गच्चकारी और चित्रांकन किया जाता था। भवनों की अंतश्छद लकड़ी की बनी होती थी और प्रायः इनके स्तंभ शुंडाकार होते थे।
प्रतिपुष्टि
mohammedan architecture इस्लामी वास्तुकला
पैगम्बर मुहम्मद द्वारा अनुष्ठापित इस्लामी धर्म-सिद्धांतों पर आधारित वास्तुविषयक निर्माण।
प्रतिपुष्टि
monumental architecture स्मारक वास्तु
किसी महान व्यक्ति या किसी कार्य अथवा किसी घटना की स्मृति में बनाई गई वास्तुरचना जो पत्थर, स्तंभ, एकाश्म निर्मित वास्तुरचना या उसके जैसा कुछ भी हो सकता है।
प्रतिपुष्टि
Mudejar architecture मुदेजार वास्तुकला
स्पेन में तेरहवीं और चौदहवीं ई. में ईसाई शासकों के प्रभुत्व काल में मूरों द्वारा प्रतिपादित वास्तु-शैली जिसमें इस्लामी वास्तुशैली का प्रभाव स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है जैसे घुड़नाल मेहराब का प्रयोग।
प्रतिपुष्टि
Mughal architecture मुगल वास्तुकला
भारत में मुगल शासकों के काल में पल्लवित और पुष्पित वास्तुकला। मुगल शासन काल 1526 ई. में बाबर के आगमन से प्रारंभ होकर यह वास्तुकला अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर (1857) तक फलती-फूलती रही। जहांगीर, अकबर और शाहजहां के काल में अनेक भवनों का निर्माण हुआ जिनकी संख्या बहुत अधिक है। इनमें प्रसिद्ध हैं हुमायूं का मकबरा, लाल किला, फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा, ताजमहल इत्यादि।
प्रतिपुष्टि
Mycenaean architecture माईसिनी वास्तुकला
यूनान के मुख्य भूभाग के दक्षिण में पेलोपेनेसस के उत्तर-पूर्व में स्थित माईसीन नगर के नाम पर, विख्यात माईसीनी सभ्यता की वास्तुकला जिसका काल सत्रहवीं शताब्दी ई. पू. से तेरहवीं शताब्दी ई.पू. के बीच आंका गया है। प्राथमिक प्रावस्था में इन्होंने गर्त-तुंब बनाए जो ढलवां चट्टानों पर बने होते थे और जिनकी पार्श्व दीवारें प्रस्तर की और छत काष्ठ निर्मित होती थी। मध्यकाल में इन्होंने विशाल छत्ताकार मकबरों, प्रासादों और भवनों का निर्माण किया। वास्तुकला के क्षेत्र में इनकी देन महत्वपूर्ण है।
प्रतिपुष्टि
Norman architecture नॉर्मन वास्तुकला
इंग्लैंड में 1066 ई. के उपरांत नॉर्मनों द्वारा स्थापित रोम प्रभावित वास्तुकला शैली जो गोथिक शासकों के अभ्युदय तक प्रचलित रही।
प्रतिपुष्टि
Parthian architecture पार्थियन वास्तुकला
एक वास्तुकला शैली जो पार्थियन शासकों के काल में पश्चिमी ईरान तथा मेसोपोटेमिया में विकलित हुई जिसमें क्लासिकी तथा स्थानीय मूल निवासियों की वास्तुकलात्मक विशेषताओं का संमिश्रण था। इसकी प्रमुख उपलब्धि मध्य भाग में स्थित विशालकाय प्रवेश द्वार है जो गजपृष्ठाकृतिक होता था।
प्रतिपुष्टि
Plateresque architecture रजताभ वास्तुकला
स्पेन की सोलहवीं शताब्दी ई. की एक विशिष्ट वास्तुकला शैली जो अपने अत्यधिक अलंकरण के लिए विख्यात है।
प्रतिपुष्टि
pre-romanesque architecture पूर्व-रोम प्रभावित वास्तुकला
ग्यारहवीं शताब्दी ई. में रोमन साम्राज्य के पतन और रोम प्रभावित वास्तुकला के उत्थान के समय प्रचलित अनेक क्षेत्रीय और संक्रमणकालीन वास्तु-शैलियां।
प्रतिपुष्टि
Quattrocento architecture क्वाट्रोसेन्टो वास्तुकला
इटली की पंद्रहवीं शताब्दी ई. की पुनर्जागरण-कालीन वास्तुकला।
प्रतिपुष्टि
renaissance architecture पुनर्जागरणकालीन वास्तुकला
पंद्रहवीं शताब्दी ई. में इटली से प्रारंभ वास्तुकला की शैली जिसमें स्थापत्य की पुरानी क्लासिकी शैलियों और रूपों को प्रतिष्ठापित किया गया। यह आगे चलकर संपूर्ण यूरोप में प्रचलित हुई जिसमें क्लासिकी स्तंभ शैलियों का बहुतायत से प्रयोग किया गया और जिस पर स्थानीय वास्तु शैलियों का भी प्रभाव पड़ा।
प्रतिपुष्टि
revival architecture पुनरुज्जीवन वास्तुकला
नए वास्तु आंदोलनों में पुरानी वास्तु शैलियों का प्रयोग। प्रायः इस प्रकार के आंदोलनों में क्लासिकी शैलियों यथा गॉथिक वास्तुकला को पुनरुज्जीवित किया गया। अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दी में रोमन, मिस्री, इट्रस्कन औपनिवेशिक और अन्य वास्तु-आंदोलन के लिए भी इसका प्रयोग किया गया है।
प्रतिपुष्टि
rock cut architecture शिलावास्तु, शैलकृत वास्तु
चट्टानों को काट कर बनाए गए भवन या मंदिर। मिस्र देश में अबू-सिम्बेल एवं भारत में अजंता की गुफाएं, एलोरा का कैलाश मंदिर आदि शैलकृत वास्तु के सर्वोत्कृष्ट नमूने हैं।
प्रतिपुष्टि
Roman architecture रोमन वास्तुकला
रोम साम्राज्यकालीन वह वास्तुकला जो इटली, यूरोप, उत्तरी अफ्रीका तथा पश्चिम एशिया के देशों में अब भी विद्यमान है और जिसका काल ई.पू. 146 से 365 तक रहा। इस युग की स्थापत्य कला में ज्वालामुखी कंक्रीट, र्इंट, पत्थर तथा संगमरमर का प्रयोग किया गया है। यूनानी लोगों ने यूनानी-धरणिक शैली तथा एट्रस्कनी मेहराबदार संरचनाओं को सम्मिलित कर एक नवीन शैली को जन्म दिया। उनकी वास्तुकलात्मक संरचनाएं जल-सेतु, सार्वजनिक स्नानागार, प्राचीन पुल तथा समाधिमंडप के रूप में आज भी विद्यमान हैं।
प्रतिपुष्टि
Romansque architecture रोम-प्रभावित वास्तुकला
नवीं शताब्दी से 12 वीं शताब्दी तक पश्चिम यूरोप में प्रचलित रोमन वास्तुकला पर आधारित वास्तुकला शैली। इस वास्तुशैली की प्रमुख विशेषता भारी भरकम संरचनाएं हैं जिनमें छोटे आकार की मेहराब और प्रवेश-द्वार होते हैं।
प्रतिपुष्टि
saracenic architecture इस्लामी वास्तु
अरब, पर्शिया, मेसोपोटामिया, मिस्र, उत्तरी अफ्रीका और स्पेन में इस्लाम धर्म के समर्थकों द्वारा प्रतिपादित वास्तुकला जिसमें इन देशों की कला की भौगोलिक विभिन्नता दृष्टिगोचर होती है। यह प्रभाव इस्लामी वास्तुकला के अनुरूप उनकी मस्जिदों और मकबरों में दिखाई देता है। इनकी प्रमुख विशेषता ज्यामितिक अलंकरण, कंदाकार गुंबद, मीनारें और विभिन्न प्रकार की मेहराबें होती हैं।
प्रतिपुष्टि
Sassanian architecture ससैनी वास्तुकला
तीसरी शताब्दी से सातवीं शताब्दी में फारस के प्रसिद्ध ससैनी वंश के काल की वास्तुकला। इस वंश के शासकों ने विशाल राजप्रासादों का निर्माण किया जिसमें उन्होंने ढोलाकार और अंडाकार मेहराबों का निर्माण किया, र्इंटों और अनगढ़ पाषाणों से सुंदर रचनाएं निर्मित कीं, और विशाल दीवारों पर गचकारी का काम करवाया तथा अनेक आकर्षक कुड्य स्तंभ और कार्निसों आदि की रचना की।
प्रतिपुष्टि
Spanish architecture स्पेनी वास्तुकला
स्पेन की वह वास्तुकला जिसके आधार पर इटली में सृजित/ पुनर्जागरणकालीन वास्तुकला को प्रोत्साहन मिला।
प्रतिपुष्टि
vernacular architecture देशज वास्तुकला
क्षेत्रीय स्वरूपों, निर्माण सामग्री तथा विशिष्टिताओं पर आधारित भवन निर्माण की कला।
प्रतिपुष्टि
प्रतिपुष्टि हेतु ई-मेल करें shabd-cstt@gov.in
अस्वीकरण: शाब्दिक विसंगति निवारण हेतु मुद्रित संस्करण ही मान्य होगा